भिलाई। एक साथ बहुत ज्यादा दिशाओं में दिमाग लगाने या फिर बहुत बड़ा टारगेट चुन लेने से अकसर कार्य सिद्ध नहीं हो पाते. इसलिए छोटे-छोटे ऐसे टारगेट बनाने चाहिएं जिनपर अमल किया जा सके. इस तरह से आगे बढ़ने पर बड़े-से-बड़ा लक्ष्य भी सहज हासिल किया जा सकता है. उक्त बातें आज एमजे समूह की निदेशक डॉ श्रीलेखा विरुलकर ने एमजे कालेज ऑफ नर्सिंग के नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं.












