केन्द्र सरकार प्रति क्विटंल धान 67 किलो चावल की अपनी जिद पर अड़ी है. छत्तीसगढ़ में होने वाली धान से इतना चावल निकलता ही नहीं. प्रति क्विंटल अरवा जहां केवल 52 से 54 किलोग्राम चावल निकलता है वहीं उसना में यह बढ़कर 60 किलोग्राम तक जाता है. छत्तीसगढ़ में अरवा की मिलिंग ही ज्यादा की जाती है. प्रति क्विंटल धान लगभग 15 किलो चावल कम पड़ता है. छत्तीसगढ़ के कुछ मिलर्स पिछले 10 साल से इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं. छह साल पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकारी महकमे की निगरानी में धान की टेस्ट मिलिंग करवाई गई थी.












