भिलाई। हाइटेक सुपरस्पेशालिस्ट हॉस्पिटल में “पर्थीज डिसीज” से ग्रस्त एक 11 वर्षीय बालक का इलाज किया गया. यह रोग 10 लाख लोगों में केवल 4 लोगों में पाया जाता है. इस अत्यंत विरल स्थिति में जांघ की हड्डी के ऊपर का हिस्सा (फीमरल नेक) सूखने लगता है और साकेट से बाहर की ओर निकल आता है. इसके कारण रोगी को असहनीय पीड़ा होती है. उसका चलना फिरना या हिलना डुलना तक बंद हो जाता है.
अस्थि रोग एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ दीपक सिन्हा ने बताया कि यह एक अत्यन्त विरल स्थिति थी. इसके विषय में पहले गहन अध्ययन किया, अन्य अस्थि शल्य चिकित्सकों से भी बात की. इसके बाद लाइन ऑफ ट्रीटमेंट तय किया गया.












