Daughters Last rites

Daughter performs funeral rites in Chhattisgarh

पारम्परिक तौर पर माता-पिता के अंतिम संस्कार का अधिकार पुत्रों को होता है. पंडितों के अनुसार पुत्रों के अभाव में औरस पुत्र, गोद लिया पुत्र, भाई का पुत्र, पुत्री का पुत्र, पुत्र का पुत्र, खरीदा हुआ पुत्र, कृत्रिम पुत्र, दत्त आत्मा आदि अंतिम संस्कार कर सकते हैं, अर्थात मुखाग्नि दे सकते हैं. यदि किसी मृतक का खुद का पुत्र न हो तो इन 12 प्रकार के पुत्रों में से कोई पुत्र मृतक को मुखाग्नि दे सकता है. पुत्र पु नामक नर्क से बचाता है अर्थात् पुत्र के हाथों से मुखाग्नि मिलने के बाद मृतक को स्वर्ग प्राप्त होता है.

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