जशपुर। कभी कभी हत्या जैसा जघन्य अपराध भी कौतुक का कारण बन जाता है। जिस व्यक्ति की हत्या के आरोप में उसके दोस्त जेल की हवा खा रहे हैं, वह एकाएक क्रिसमस मनाने के लिए घर लौट आता है। बस से उतरकर जैसे ही ऑटो में बैठता है, थाने को खबर हो जाती है। मजे की बात यह भी है कि हत्या के मामले में उसके दोस्तों का कबूलनामा भी पुलिस के पास है जिसे मजिस्ट्रेट के आगे दर्ज कराया गया था। मृतक जीवित लौट आया तो फिर लाश किसकी थी?












