संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि ब्रिटिश स्वेच्छा से भारत से नहीं गए, हमने उन्हें एकजुटता से भगाया। अपनी एकता और अखंडता के कुछ सूत्रों को हम भूल गए, इसलिए दृष्टि में भेद आ गया था। अंग्रेजों को हमारी एकता अच्छी नहीं लगी, इसलिए भेद पैदा किया। भारत में आकर भी कुछ लोग भारत की रीति में नहीं रहते हैं, इसलिए वह आक्रमण करते हैं। हम चिंतित हैं लेकिन हमें और चिंतित होना चाहिए। हम सब एक दूसरे को पकड़कर चलें।












