इस स्वयंभू शिवलिंग का बढ़ रहा है आकार, अभी पांच फीट का
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में ब्यास नदी के किनारे राजाओं के समय से स्थापित लमलेश्वर शिव मंदिर में चमत्कारी स्वयं भू शिवलिंग अचंभित करने वाला है। स्वयं भू शिवलिंग चार सालों में एक तिल या जौ के समान बढ जाता है और वर्तमान में इस शिवलिंग का आकार बढकर 5 फुट तक हो गया है। मान्यता है कि शिविलिंग की 43 दिनों तक सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामना पूर्ण होती है। 500 वर्ष पूर्व लमलेश्वर शिव मंदिर की स्थापना कटोच वंश के द्वारा की गई थी। शिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिर में सजावट का काम किया जा रहा है। शिवरात्रि पर्व के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु यहां पर नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं
कटोच वंश के राजाओं ने अनेकों मंदिरों और ऐतिहासिक किलों का निर्माण करवाया है। नादौन क्षेत्र में भी लमलेश्वर मंदिर का निर्माण कटोच वंश राजा ने करवाया है, स्थानीय लोगों अनुसार लमलेश्वर मन्दिर 500 वर्ष पुराना मंदिर है। कटोच वंश के एक राजा को स्वप्न आया था कि व्यास नदी के किनारे एक शिवलिंग मौजूद है। तब राजा ने अपने सैनिकों को व्यास नदी के किनारे भेजा वहां पर सैनिकों ने शिवलिंग को पाया और उस शिवलिंग को उठाकर नादौन में स्थापित किया था। बाद में राजा द्वारा मंदिर का निर्माण करवाया गया।
मंदिर में शिवलिंग चार वर्षों में एक बार एक तिल के बराबर बढ़ता है। जो बढ़कर 5 फिट तक पहुंच चुका है। लमलेश्वर मन्दिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं। विदेशों से भी श्रद्धालु मंदिर में नतमस्तक होते हैं।
पुजारी राकेश शर्मा
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