चूना खदान के चलते खचरे में 1500 साल पुराना गांव, ड्रोन सर्वे का विरोध
दुर्ग। धमधा ब्लॉक के दानी कोकड़ी गांव में लाइम स्टोन मिला है। इस वजह से राज्य सरकार पूरे गांव का ड्रोन सर्वे करवा रही है, लेकिन ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 1200 एकड़ में फैला उनका गांव करीब 15 सौ वर्ष पुराना है। यहां की आबादी करीब 1800 है। चूना खदान खोलने की अनुमति दी गई तो उन्हें मजबूरन गांव छोड़ना पड़ेगा। इससे उनकी खेती पूरी तरह नष्ट हो जाएगी।
ग्रामीणों ने दावा किया है कि चूना खदान खोलने की प्रक्रिया वर्ष 2003 से चल रही है, जिसके खिलाफ वे लंबे अरसे से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके बाद भी शासन-प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है। यही वजह है कि ड्रोन और डीजीपीएस सर्वे की अनुमति एक निजी कंपनी को दे दी गई है। 15 अप्रैल से निजी कंपनी ने सर्वे का काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन विरोध के कारण शनिवार को काम बंद करके कंपनी वापस लौट गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, कई बार ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर चूना खदान का विरोध किया गया। साथ में खदान के लिए जो पट्टा जारी किया गया है, उसके खिलाफ भी प्रस्ताव ग्राम सभा में पारित हो चुका है। 16 अप्रैल को फिर से प्रस्ताव पारित कर सभी अधिकारियों को जानकारी दी गई है। गांव के पंच खिलावन, अश्वनी, रामसुख समेत सैकड़ों ग्रामीण शनिवार को भी गांव में ड्रोन सर्वे का विरोध करने जुटे थे। ड्रोन सर्वे कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि धमधा ब्लॉक के कई गावों का सर्वे होगा।
पूर्व जनपद सदस्य ईश्वरी निर्मल ने बताया कि सर्वे की कार्रवाई रोकने आवेदन दिया गया है। धमधा एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन भी किया गया था। राजभवन और मंत्रालय के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है। 4 जुलाई 2024 को राज्यपाल ने खदान प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाकर जांच के आदेश दिए थे। मंत्रालय ने स्पष्ट माना था कि 1500 साल पुरानी बस्ती को उजाड़ने का मामला गंभीर है। लाइम स्टोन खदान खुलने से गांव की करीब 8 सौ एकड़ की कृषि भूमि भी नष्ट हो जाएगी, जिसका सीधा असर किसानों और जलग्रहण क्षेत्र पर पड़ेगा।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि किसी भी कीमत पर गांव में खदान नहीं खोलने दिया जाएगा। खदान के सरकार को तो फायदा होगा, लेकिन ग्रामीणों की वर्षों की पूंजी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। अगर गांव खाली करना पड़ा तो ग्रामीण बेरोजगार हो जाएंगे। बिना खेती किसानी के ग्रामीणों का जीवन यापन संभव नहीं होगा। सरपंच संजय कुमार ने बताया कि बिना किसी सूचना और अनुमति के सर्वे का काम किया जा रहा है। बिना अनुमति गांव में ड्रोन उड़ाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान आशाबाई,तोरण लाल,रामसुख और प्रमीलाबाई समेत बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे।
सर्वे के आधार पर आगे की कार्यवाही ^निजी कंपनी को ड्रोन और डीजीपीएस सर्वे करने का काम दिया गया है। सर्वे संभावित लाइम स्टोन की मात्रा और स्थान पता लगाने के लिए किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई संभव है। ग्रामीणों को समझाया जा रहा है।
अभिजीत सिंह, कलेक्टर दुर्ग
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