छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा क्रांति : धमतरी में स्थापित होगा बायोगैस संयंत्र
धमतरी में 150 करोड़ का निवेश, धान के अवशेषों से बनेगी कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG)
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में औद्योगिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिले में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) संयंत्र की स्थापना की कवायद तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए धमतरी कलेक्टर ने आज इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (IOCL) और ऑयल इंडिया लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

यह संयंत्र जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। प्रस्तावित संयंत्र में मुख्य रूप से धान आधारित कृषि अवशेषों (पैरा) और अन्य जैविक कचरे का उपयोग किया जाएगा। इससे पैरा जलाने की समस्या कम होगी और किसानों को उनके कृषि अपशिष्ट का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। 150 करोड़ के इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि परियोजना के लिए भूमि आवंटन, अधोसंरचना और परिवहन नेटवर्क जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी। ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के CEO संतनु कुमार सैकिया ने जिले में कच्चे माल की उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स की संभावनाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
इस परियोजना में राइस मिलर्स एसोसिएशन ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दिखाई है। धमतरी एक प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र होने के नाते, मिलर्स ने संयंत्र के संचालन हेतु आवश्यक जैविक कचरे की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।
हरित ऊर्जा (Green Energy) के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए यह CBG संयंत्र कार्बन उत्सर्जन को कम करने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के स्वच्छ भारत और आत्मनिर्भर भारत मिशन के अनुरूप है, जो पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
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