नवाचार : अब एक ही परिसर में होंगे लइका घर, आंगनबाड़ी और स्कूल

नवाचार : अब एक ही परिसर में होंगे लइका घर, आंगनबाड़ी और स्कूल

धमतरी। ग्रामीण अंचल के बच्चों को शहरों जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में धमतरी जिले ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम सियादेही में एक बेहद आकर्षक, बाल-अनुकूल और सर्वसुविधायुक्त ‘लइका घर’ तैयार किया गया है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाली यह पहल न केवल धमतरी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभर रही है।

​इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका एकीकृत शैक्षणिक मॉडल (Integrated Educational Model) है। इसके तहत बच्चों की प्रारंभिक देखभाल से लेकर प्राथमिक शिक्षा तक की पूरी व्यवस्था एक ही परिसर में की गई है।

​कलेक्टर के मार्गदर्शन में तैयार इस मॉडल में ​7 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के नौनिहाल ‘लइका घर’ में प्रारंभिक देखभाल, पोषण और खेल-आधारित विकासात्मक गतिविधियों से जुड़ेंगे। ​3 से 6 वर्ष के बच्चे इसी परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और जरूरी पोषण सेवाओं का लाभ लेंगे और ​6 वर्ष से आगे के बच्चे बिना किसी असुविधा के इसी परिसर के प्राथमिक विद्यालय में अपनी नियमित स्कूली शिक्षा की शुरुआत करेंगे। आगे की पढ़ाई के लिए पास ही में माध्यमिक विद्यालय भी उपलब्ध है।

​ इस निरंतरता से बच्चों को बार-बार नया माहौल नहीं बदलना पड़ेगा। इससे अभिभावकों की चिंता दूर होगी, स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन (Enrollment) बढ़ेगा और ड्रॉपआउट (शाला त्याग) की समस्या पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

​सियादेही का यह ‘लइका घर’ बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। भवन की रंग-बिरंगी दीवारों पर हिंदी वर्णमाला, अंक, फल-सब्जियां, पशु-पक्षी और प्रकृति से जुड़े सुंदर चित्र बनाए गए हैं, जिन्हें देखकर बच्चे खेल-खेल में बहुत कुछ सीख जाते हैं। बच्चों के मनोरंजन और मानसिक कसरत के लिए कई तरह के ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्यवर्धक खेल-खिलौनों की व्यवस्था की गई है, जो उनमें जिज्ञासा और रचनात्मकता (Creativity) को बढ़ावा देते हैं।

​यह परिसर सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास (Holistic Development) का केंद्र बनेगा। सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण के बीच यहां बच्चों में सामाजिक सहभागिता, बातचीत करने का कौशल (Communication Skills), रचनात्मक अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिसर को हरा-भरा और स्वच्छ बनाया गया है ताकि बच्चों को एक आनंददायक माहौल मिल सके।
​कलेक्टर ने इस पहल पर बात करते हुए कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में मिलने वाले संस्कार और अनुभव जीवनभर इंसान के काम आते हैं। सियादेही का ‘लइका घर’ सिर्फ एक सरकारी भवन नहीं, बल्कि हमारे ग्रामीण बच्चों के सपनों और सुनहरे भविष्य की आधारशिला है। हमारा प्रयास जिले में ऐसी बाल-हितैषी अधोसंरचना तैयार करना है, जिससे हर बच्चे को आगे बढ़ने के समान और गुणवत्तापूर्ण अवसर मिल सकें।

#Childrens_Learning_Centre #Aanganwadi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *