बाल विवाह : परिजनों एवं संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुध्द अपराध पंजीबध्द
गौरेला पेंड्रा मरवाही। जिले को बाल विवाह मुक्त करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई निरंतर प्रयास कर रही है। ग्राम पंचायत पिपरिया में एक परिवार ने प्रशासन के हस्तक्षेप और चेतावनियों के बावजूद बाल विवाह संपन्न कर दिया। घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9, 10 और 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध करवाया है।

ग्राम पंचायत पिपरिया में नाबालिक बालक के विवाह करवाने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाईजर एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी कर्मचारियों एवं ग्राम पंचायत के बाल संरक्षण समिति के सदस्यों द्वारा बालक के पिता भारत सिंह एवं माता कलेशिया को समझाईस देते हुए बाल विवाह नहीं करने शपथ पत्र भरवाया गया था। साथ ही उन्हें बाल विवाह करवाने पर होने वाली वैद्यानिक कार्रवाई से भी अवगत करवाया गया था।
समझाईश के बाद भी परिवार जनों द्वारा बालक का विवाह करवाने की सूचना मिलने पर जिला बाल संरक्षण इकाई के जॉच दल द्वारा पुनः जाँच की गई। बाल विवाह की पुष्टि होने पर प्रतिवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन के आधार पर बाल विवाह करवाने वाले परिजनों एवं संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध गौरेला थाने में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं 9, 10 और 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध करवाया गया है।
बाल विवाह एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है। इस कुप्रथा में शामिल होने वाले केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि विवाह कराने वाले पुराहित, हलवाई, टेंट वाले, डीजे संचालक, बराती और अन्य सहयोगी भी समान रूप से दोषी माने जायेंगे। कानूनन इसमें 2 वर्ष तक का कठोर कारावास और 1 लाख रूप्ये तक का जुर्माना हो सकता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील किया गया है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर चाईल्ड हेल्प लाइन के टोल फ्रि नंबर 1098 पर, महिला हेल्पलाईन 181 या आपातकालीन नंबर डायल 112 पर भी सूचना प्रदान कर सकते हैं। सूचना पर त्वरित कार्यवाही किया जाता है एवं सूचना देने वाले की पहचान पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है।
#Child_Marriage_FIR












