जशपुर में मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा, सादरी भाषा में होगी बुनियादी पढ़ाई

जशपुर में मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा, सादरी भाषा में होगी बुनियादी पढ़ाई

रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप मातृभाषा आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले में नींव  बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्राथमिक शिक्षा को अधिक प्रभावी, समावेशी और बाल-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे इस कार्यक्रम का संचालन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के नेतृत्व में, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, जशपुर के मार्गदर्शन तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (स्स्थ्), नई दिल्ली के सहयोग से किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत जशपुर जिले के कुनकुरी और बगीचा विकासखंड के 202 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा सादरी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों की घर की भाषा और विद्यालय की भाषा के बीच सहज सेतु तैयार करना है, जिससे वे विषय-वस्तु को बेहतर ढंग से समझ सकें और सीखने के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़े।

कार्यक्रम को स्थानीय परिवेश से जोड़ने के लिए सादरी भाषा में शिक्षण सामग्री विकसित की गई है। इन सामग्रियों में स्थानीय संस्कृति, लोककथाओं, परिवेश और जीवन अनुभवों को समाहित किया गया है। बिग बुक, चित्र चार्ट, कविता पोस्टर, अभ्यास पुस्तिकाएं तथा कविता-कहानी संग्रह जैसी सामग्री तैयार की गई है। इन सभी शैक्षणिक संसाधनों की अंतिम अकादमिक समीक्षा क्प्म्ज् के विशेषज्ञों द्वारा 7 जुलाई 2026 को पूर्ण की जा चुकी है।

कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चयनित विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने हेतु 20 सदस्यीय जिला स्रोत समूह का गठन किया गया। इस समूह का चार दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला 8 से 11 जुलाई 2026 तक क्प्म्ज्, जशपुर में आयोजित की गई। प्रशिक्षण में बहुभाषी शिक्षा के सिद्धांतों, सादरी भाषा में विकसित शिक्षण सामग्री के प्रभावी उपयोग तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रदर्शन और समूह गतिविधियों के माध्यम से कक्षा शिक्षण की नवीन तकनीकों से भी परिचित कराया गया।

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