वैसे तो पुरुषों को कम होती ही UTI, पर जब होती है तो बात बड़ी होती है

वैसे तो पुरुषों को कम होती ही UTI, पर जब होती है तो बात बड़ी होती है

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की समस्या ज्यादातर महिलाओं में देखी जाती है। इसके वजह है महिलाओं में पेशाब की नली का पुरुषों का मुकाबले छोटा होना। पर पुरुष इससे पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं हैं। जब पुरुषों को UTI होता है तो यह किसी गंभीर समस्या का द्योतक हो सकता है। पुरुषों में UTI एक गंभीर और जटिल समस्या हो सकती है जिसमें सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती ह।

NCBI की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन किडनी तक पहुंच सकता है, जिसके लिए सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है।NCBI की रिसर्च के अनुसार महिलाओं में पेशाब की नली पुरुषों से काफी छोटी होती हैं। इसीलिए पुरुषों में इंफेक्शन होने की संभावना काफी कम हो जाती है। सिर्फ इतना ही नहीं महिलाओं की यूरेथ्रा गुदा और योनि के बेहद करीब होता है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से यूरेथ्रा में पहुंच सकते हैं। जबकि पुरुषों में यह निकटता नहीं होती, जो उन्हें एक प्राकृतिक सुरक्षा देती है, जिससे पुरुषों में UTI की संभावना कम हो जाती है।

पुरुषों में होने वाला UTI अक्सर किसी न किसी हेल्थ कंडीशन से जुड़ा होता है। कुछ मामलों में यह ब्लड इंफेक्शन (सेप्सिस) जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा हो सकती है। पुरुषों में UTI की समस्या मेडिकल कारणों जैसे बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, ब्लैडर में स्टोन या किडनी स्टोन के कारण हो सकते हैं और इन्हीं कारणों से इसे अत्यधिक कॉम्प्लिकेटेड माना जाता है।

जिन हेल्थ कंडीशन की वजह से पुरुषों मूत्रनली शोथ हो सकता है उनमें शामिल हैं बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, ब्लैडर स्टोन,  किडनी स्टोन, असुरक्षित यौन संबंध। इसके आरंभिक लक्षणों में पेशाब में जलन या फिर पेशाब का खुलकर नहीं आना हो सकता है।
पुरुषों में UTI की समस्या को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन सुरक्षित यौन संबंध बनाने से उन इंफेक्शन को रोकने में मदद मिलती है जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलते हैं। जिन पुरुषों को प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने की समस्या है, उन्हें कैफीन और अल्कोहल का सेवन ना के बराबर करना चाहिए।

#UTI_In_Males

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