छत्तीसगढ़ में आवासीय योजनाओं की बल्क-परचेज, संस्थाओं ने खरीदे 226 आवास
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आवासीय योजनाओं को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के लंबे समय से रिक्त आवासों के विक्रय के लिए बल्क परचेस की अनुमति दिए जाने से प्रदेश में आवासीय संपत्तियों के विक्रय को नई गति मिली है। इस निर्णय के फलस्वरूप विभिन्न शासकीय एवं निजी संस्थाओं द्वारा अपने कर्मचारियों की आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बड़ी संख्या में मकानों की खरीदी की जा रही है।
वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा निर्मित आवासों के बेहतर उपयोग, रिक्त संपत्तियों के विक्रय और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बल्क परचेस की व्यवस्था से जहां लंबे समय से खाली पड़े भवनों का उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं मंडल को राजस्व प्राप्त होने के साथ आवासीय परिसरों में नागरिक सुविधाओं और रखरखाव की व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा संचालित विभिन्न आवासीय योजनाओं के अंतर्गत अब तक दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर अटल नगर एवं आरंग में संस्थागत खरीदी के माध्यम से कुल 226 आवासों का विक्रय किया गया है। इन आवासों का कुल मूल्य लगभग 42.17 करोड़ रुपये है।
जीएसटी विभाग द्वारा प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में कुल 68 आवासों का क्रय किया गया है, जिनका कुल मूल्य लगभग 23.77 करोड़ रुपये है। इनमें दुर्ग में 24 मकान लगभग 6.50 करोड़ रुपये, जगदलपुर में 16 मकान लगभग 6 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 25 मकान लगभग 10.35 करोड़ रुपये तथा रायगढ़ में 3 मकान लगभग 92 लाख रुपये की राशि से खरीदे गए हैं। इसी प्रकार नवा रायपुर अटल नगर में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेफेयर संस्था द्वारा 128 मकानों का लगभग 16.20 करोड़ रुपये में क्रय किया गया है। वहीं मैट्स विश्वविद्यालय द्वारा आरंग में 30 मकान लगभग 2.20 करोड़ रुपये की राशि से खरीदे गए हैं।
इसके अतिरिक्त नवा रायपुर अटल नगर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा भी 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय लिया गया है। इन फ्लैट्स का अनुमानित कुल मूल्य लगभग 16.20 करोड़ रुपये है। इस प्रस्तावित खरीदी के पूर्ण होने पर संस्थागत आवास विक्रय का आंकड़ा और बढ़ेगा।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर- 16, 30 एवं 34 में प्रधानमंत्री सह-मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तथा निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण किया गया है। योजना के प्रथम चरण में कुल 6,296 भवनों का क्रियान्वयन किया गया था। इन आवासों के विक्रय के लिए समय-समय पर विज्ञापन जारी किए जाने के बावजूद कुछ भवन लंबे समय तक अविक्रित रहे। इसके कारण भवनों की सुरक्षा, रखरखाव तथा मंडल के वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित चुनौतियां सामने आ रही थीं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद ने 14 नवंबर 2025 को महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत तीन बार विज्ञापन जारी होने के बाद भी अविक्रित रहने वाले आवासों को पात्र हितग्राहियों के अतिरिक्त अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी विक्रय करने की अनुमति प्रदान की गई।
इस निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को आवास क्रय करने पर शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा। इससे मूल पात्र हितग्राहियों के हितों को सुरक्षित रखते हुए रिक्त आवासों के उपयोग का नया रास्ता खुला है।
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