कुल्हाड़ी से दनादन गर्दन पर किए कई वार, हाइटेक में बची जान
भिलाई। मोहला मानपुर में आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला हो गया। हमलावरों ने कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन और पीठ पर कई वार किये जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी कई जगहों से कट गई, जख्मी हो गई। उसे पहले राजनांदगांव मेडिकल कालेज और फिर वहां से रायपुर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। अंततः उसे हाईटेक अस्पताल लाया गया जहां सर्जरी कर उसके प्राणों की रक्षा की गई।
27 वर्षीय युवक के परिजनों ने बताया कि घटना 20 सितम्बर की है। उसकी हालत देखकर उसे मोहला से राजनांदगांव मेडिकल कालेज लाया गया। पर हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे आगे रायपुर के डीकेएस रिफर कर दिया गया। पर वहां भी उसका इलाज नहीं हो पाया। घटना के 8 दिन बाद 28 सितम्बर को उसे हाइटेक अस्पताल लाया गया।
न्यूरो सर्जन डॉ दीपक बंसल ने बताया कि युवक को जब लाया गया तो उसकी हालत बहुत नाजुक थी। उसे तत्काल आईसीयू में दाखिल कर स्टेबिलाइज करने की कोशिशें प्रारंभ की गई। जांच में पता चला कि उसकी रीढ़ की हड्डी 10 जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई थी। इसमें सी-5 से लेकर सी-7 तक और डी-1 से लेकर डी-3 तक की कशेरुकाएं शामिल थीं। युवक के हाथ और पैर बेजान थे।
डॉ बंसल ने बताया कि लंबी चली सर्जरी से कशेरुकाओं को व्यवस्थित करने के साथ ही मेरूरज्जू (स्पाइनल कॉर्ड) को भी व्यवस्थित किया गया। सर्जरी के कुछ ही दिन बाद उसके हाथों में हरकत प्रारंभ हो गई। हालांकि अभी भी वह अंगुलियों का उपयोग नहीं कर पा रहा है। पैर अब भी बेजान हैं पर इनमें भी धीरे-धीरे संवेदना लौटने की संभावना है। इसमें कितना वक्त लगेगा, अभी कहा नहीं जा सकता। युवक की आयु को देखते हुए पूरी कोशिश की जा रही है।
सर्जरी की टीम में डॉ बंसल के साथ निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ नरेश देशमुख एवं पूरी सर्जिकल टीम शामिल थे। रेडियोलॉजिस्ट डॉ जेनी व्यास एवं इंटेंसिविस्ट डॉ नीलिमा बम्बोडे का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मरीज को फिलहाल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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