श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में इंडियन नॉलेज सिस्टम पर अतिथि व्याख्यान

श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में इंडियन नॉलेज सिस्टम पर अतिथि व्याख्यान

भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम: प्रासंगिकता और अनुप्रयोग’ विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की सुप्रसिद्ध प्रोफेसर डॉ. सारिका शर्मा उपस्थित रहीं।
मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. सारिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) केवल अतीत की बातें नहीं है, बल्कि यह आधुनिक वैश्विक समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करने वाली एक व्यावहारिक विचार-पद्धति है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में निहित गणित, पर्यावरण संरक्षण, अर्थशास्त्र और जीवन दर्शन आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे।” उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना झा ने कहा, “शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थी में चरित्र और अपनी संस्कृति के प्रति गौरव बोध जगाना है। डॉ. सारिका शर्मा का यह व्याख्यान हमारे संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। जब तक हम अपनी जड़ों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को नहीं समझेंगे, तब तक हम एक आत्मनिर्भर और बौद्धिक रूप से सशक्त राष्ट्र का निर्माण नहीं कर सकते।”
डॉ. जे. दुर्गा प्रसाद राव (अकादमिक डीन) के ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ (Indian Knowledge System) विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा प्राचीन विरासत का आधुनिक समावेश: प्राचीन भारतीय ज्ञान और परंपराओं को केवल इतिहास न मानकर आधुनिक शिक्षा प्रणाली तथा पाठ्यक्रम में प्रभावी ढंग से शामिल करना अत्यंत आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष डॉ. नीरा पांडे ने अपने स्वागत भाषण एवं विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “आज के आधुनिक युग में जब हम अंतर-विषय (interdisciplinary) अध्ययन और अनुसंधान की बात करते हैं, तो इंडियन नॉलेज सिस्टम हमें शोध के लिए एक विस्तृत और समृद्ध धरातल प्रदान करता है। हमारे दर्शन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचनाओं में निहित पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संदर्भों में आंकना और उस पर शोध करना समय की मांग है।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। व्याख्यान के अंत में प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन विभाग के प्राध्यापक डॉ सुषमा दुबे द्वारा संपन्न हुआ।

#SSMV #Indian_Knowledge_System

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *