प्रेम की दुःखद परिणति; प्रेमी को बचा नहीं पाई, खुद भी घायल

प्रेम की दुःखद परिणति; प्रेमी को बचा नहीं पाई, खुद भी घायल

बालोद। कहते हैं प्यार अंधा होता है। किसकी कौन से बात दिल में उतर जाए, कहना मुश्किल है। कुछ ऐसा ही हुआ बालोद के इन युवाओं के साथ। मिथलेश और मोनिका की दोस्ती करीब ढाई साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। मिथलेश शादीशुदा था जबकि मोनिका अभी सिंगल थी। डेढ़ माह पहले मोनिका की भी शादी हो गई। यह बात मिथलेश पचा नहीं पाया। 6 जून की रात को वह मोनिका के घर पहुंचा। मोनिका भी उसके साथ घर से निकल गई। (display image courtesy TOI)

अब तक की तफ्तीश और मोनिका के पुलिस को दिये बयान के मुताबिक मिथलेश उसपर अपने पति को छोड़ने का दबाव बना रहा था। पर वह इसके लिए राजी नहीं हो रही थी। 6 जून की रात को वह उससे फायनल बात करने पहुंचा था। वह उसे लेकर रेल पटरियों पर आ गया। उसने धमकाया कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह अपनी जान दे देगा। जब मोनिका ने उसकी बात मानने में असमर्थता जताई तो वह पटरियों पर बैठ गया। पटरी पर ट्रेन आ रही थी।

मोनिका ने बताया कि पहले तो वह मिथलेश से उठने के लिए कहती रही पर जब मिथलेश टस से मस नहीं हुआ तो वह उसे बचाने दौड़ी। पर तब तक ट्रेन आ चुकी थी। दोनों ही ट्रेन की चपेट में आ गए और दूर जा गिरे। मिथलेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि वह घायल हो गई। उसी हालत में मोनिका ने 112 पर पुलिस को और अपने घर वालों को सूचना दी। पुलिस ने उन्हें बरामद कर लिया और मोनिका को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

उधर, मोनिका के पति टीकम कुमार खरे ने बताया कि शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे उनकी नींद खुली तो पत्नी घर पर नहीं मिली। पहले उन्हें लगा कि वह आसपास कहीं गई होगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उन्होंने परिजनों के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी। गांव और आसपास के रास्तों में खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। करीब 3 बजे पत्नी ने फोन उठाया और रेलवे ट्रैक पर हादसा होने की जानकारी दी।

शुरुआती सूचना के आधार पर वह परिजनों के साथ लाटाबोड़ स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में पत्नी को तलाशते रहे। इसी दौरान उन्हें पुलिसकर्मियों का फोन आया, जिससे पता चला कि दैहान क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर दुर्घटना हुई है। सूचना मिलते ही रिश्तेदार जिला अस्पताल पहुंचे। वहां मिथलेश का शव भी रखा हुआ था, लेकिन उस समय वे उसकी पहचान नहीं कर सके। वहीं गंभीर रूप से घायल मोनिका को प्राथमिक उपचार के बाद राजनांदगांव रेफर किया गया। वर्तमान में उसका इलाज राजनांदगांव के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक मिथलेश और मोनिका की पहचान करीब ढाई साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच दोस्ती गहरी होती गई और उनका संपर्क लगातार बना रहा। मिथलेश ठाकुर शादीशुदा था और उसकी एक बेटी भी है। वह पहले डौंडीलोहारा क्षेत्र में हाईवा ड्राइवर के रूप में काम करता था। करीब एक माह पहले उसने यह काम छोड़ दिया था और इन दिनों घर का ट्रैक्टर चला रहा था।

#Balod_Tragic_Love

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