गुस्ताखी माफ : महिलाओं ने मुफ्त में देखी “द केरला स्टोरी”
इन महिलाओं ने पहले कभी मल्टीप्लेक्स में फिल्म नहीं देखी थी. इन्हें यह मौका दिया “द केरला स्टोरी” ने. इस फिल्म से प्रभावित एक पूर्व मंत्री ने महिलाओं को फ्री … Read More
इन महिलाओं ने पहले कभी मल्टीप्लेक्स में फिल्म नहीं देखी थी. इन्हें यह मौका दिया “द केरला स्टोरी” ने. इस फिल्म से प्रभावित एक पूर्व मंत्री ने महिलाओं को फ्री … Read More
दुर्ग. आनन्द विहार की वर्षों पुरानी समस्या का हल निकल आया है. इस कालोनी के फ्लैट मालिक काफी लंबे समय से परेशान थे. न तो सोसायटी उनकी मदद कर रही … Read More
रायपुर. शहर के राजेन्द्र नगर में विश्वकर्मा जी का आवास. छत पर एम्पलीफायर, मिक्सर, की-बोर्ड से सज्जित संगीत कक्ष. यहां तीन जिलों के लगभग 30 संगीत प्रेमी जुटे हैं. इनमें … Read More
बातें हैं बातों का क्या…! किसी की अच्छी बात गंदी लगती है तो किसी-किसी की गंदी बात भी अच्छी लगने लगती है. गंदी बात कभी-कभी मजे की बात भी बन … Read More
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग अब वाहन चालकों को बिना ट्रेनिंग के लाइसेंस नहीं देगा. लाइसेंस के लिए लिए इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (ITDR) से सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. हैवी … Read More
प्रदेश में उच्च शिक्षा के नाम पर कुछ भी हो रहा है. दरअसल, सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता की बजाय शिक्षा का धंधा हो गया है. सरकार को … Read More
देश की एक बड़ी आबादी यूटोपिया में जी रही है. यह आबादी का वह हिस्सा है जो बातों-बतोलेबाजियों में ज्यादा यकीन करता है. यह केन्द्रीय प्रचार तंत्र का शिकार हो … Read More
सनातन “वसुधैव कुटुम्बकम” का सिद्धांत देता है. पर इसके लिए एक शर्त भी है – “उदार चरितानां”. अर्थात चित्त अगर उदार है तो पूरा विश्व एक परिवार है. यही उदारता … Read More
छत्तीसगढ़ फिलहाल इलेक्शन-मोड में है. कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा सभी जिम्मेदारों से उनका दुःख दर्द पूछ रही हैं. जहां कहीं भी संभव हो पा रहा है, बातचीत के जरिए मन-मुटावों … Read More
रविन्द्रनाथ टैगोर (ठाकुर) को 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था. देश के राष्ट्रगान – जन-गण-मन के रचयिता कविगुरू रविन्द्रनाथ ठाकुर अब केवल बंगालियों के होकर रह … Read More
भिलाई। भारत के प्रथम नोबेल विजेता कविगुरू रविन्द्रनाथ ठाकुर (टैगोर) की 162वीं जयंती पर नेहरू नगर कालीबाड़ी में उन्हें स्वरांजली दी गई. मानव मंगल समिति के तत्वावधान में हुए इस … Read More
कभी राजा अपने दलबल के साथ शिकार खेलने के लिए जंगल जाता था. अब भालू, हाथी, बाघ, तेंदुआ भोजन की तलाश में गांव आते हैं. हाथियों को गांव और खेत-खलिहान … Read More