पर्यावरण पर भारी पड़ रहा डेयरी उद्योग, युवाओं ने उठाई आवाज

पर्यावरण पर भारी पड़ रहा डेयरी उद्योग, युवाओं ने उठाई आवाज

भिलाई। पृथ्वी दिवस पर युवाओं ने देश के डेयरी उद्योग की पर्यावरणीय लागत के विरुद्ध आवाज उठाई। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, साथ ही गोमांस निर्यात में भी अग्रणी। यह एक ऐसा तथ्य है जो प्राय: सार्वजनिक विमर्श से ओझल रहता है। प्राणी फाउंडेशन के सदस्यों ने सूर्या टीआई मॉल में इसकी तरफ ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने डेयरी उद्योग के पर्यावरणीय प्रभावों के साथ ही गोमांस उद्योग से उसके गहरे संबंध को उजागर किया।

पर्यावरण पर भारी पड़ रहा डेयरी उद्योग, युवाओं ने उठाई आवाज
20 शहरों में युवा इस अभियान से जुड़कर लोगों को बता रहे हैं कि दूध और गोमांस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों गाय से आते हैं। @animalsaveindia के एक इंस्टाग्राम रील में कौन बनेगा करोड़पति की एक क्लिप साझा की गई, जिसमें प्रतियोगी सिद्धार्थ शर्मा द्वारा डयरी पशुओं के भविष्य का वर्णन सुनकर अमिताभ बच्चन भी चौंकते नजर आए। यह रील वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक देखे गए रीलों में से एक बन गई जिसे 1.2 अरब से अधिक बार देखा गया। इस रील ने 65 लाख लाइक्स भी अर्जित किए।
प्राणी प्रोटेक्शन फाउंडशने की प्रबंध न्यासी प्रांजलि शुक्ला ने कहा, हमारा शहर गर्मियों के चरम महीनों में जलता रहता है और हर बीतते वर्ष के साथ यह असह्य होता जा रहा है। इसके बावजदू राज्य लाखों गायों और भैसों के अंधाधुंध प्रजनन को बढ़ावा दे रहा है। दूध उत्पादन बंद करते ही इनकी उपयोगिता समाप्त हो जाती है और इन्हें बेसहारा छोड़ दिया जाता है। सभी लोगों को इसे समझने की जरूरत है।

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