बिलासपुर। छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक बुजुर्ग से जब घर वालों ने मुंह फेर लिया तो सिम्स ने उसे गोद ले लिया। 13 महीने तक उसका नि:शुल्क उपचार किया। जब मरीज की मृत्यु हो गई तो अस्पताल प्रबंधन की तरफ से ही उसके कफन दफन का भी इंतजाम किया गया। कोरबा के बाकीमोंगरा निवासी मेघनाथ पिता रामलाल 65 साल को 2016 नवंबर में सिम्स में भर्ती किया गया था।












