भिलाई। एमजे कालेज की डायरेक्टर श्रीमती श्रीलेखा विरुलकर ने कहा कि महाविद्यालय का व्याख्याता या प्राध्यापक आपके मित्र जैसा होता है। पर कुछ मर्यादाएं भी होती हैं जैसे आप उनके कंधे पर हाथ नहीं रख सकते, अशिष्ट भाषा का उपयोग नहीं कर सकते। श्रीमती विरुलकर महाविद्यालय के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के इंडक्शन सह ओरिएन्टेशन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय छात्र-जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां आप अपने भावी करियर के बहुत निकट होते हैं। व्याख्याता एवं प्राध्यापक न केवल आपको विषय का अध्ययन कराते हैं बल्कि करियर चुनने और उसकी दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाते हैं।












