दुर्ग। शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की यूथ रेडक्रॉस इकाई के तत्वाधान पर ‘तनाव मुक्ति’ पर एक सप्ताह की कार्यशाला प्रारंभ हुई। कार्यशाला प्रभारी डॉ. रेशमा लाकेश ने बताया कि इस भागदौड़ की जिंदगी में बहुत से तनावों का हम सामना करते है। छोटी-छोटी मात्रा में इनसे लाभ होता है क्रियाशीलता बढ़ती है तो जब इसका आधिक्य हो जाए तो यह गंभीर रूप ले लेता है। कार्यस्थल का तनाव हमारी क्षमता और क्रियाशीलता को प्रभावित कर देता है। सात दिवसीय इस कायर्शाला में विशेषज्ञ महत्वपूर्ण जानकारी के साथ इससे बचने के उपाय भी बताएगें।












