भिलाई। कभी इस्पात नगरी की शान रहा मैत्रीबाग धीरे-धीरे गुमनामी के अंधेरे में खो रहा है। योजनाओं का अभाव, कुप्रबंधन और विजन के अभाव में इसका खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। एमजे कालेज के कॉमर्स एंड मैनेजमेन्ट्स स्टूडेन्ट्स ने शनिवार को ऐतिहासिक मैत्रीबाग का भ्रमण किया तथा तथ्य जुटाए। साथ ही इस खूबसूरत उद्यान के रिवाइवल और लोगों को आकर्षित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया। वे अपनी रिपोर्ट भिलाई इस्पात संयंत्र को सौंपेंगे।












