भिलाई। अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं के शब्दों को स्वीकार कर हिन्दी समृद्ध हो रही है। वह दिन दूर नहीं जब तकनीकी शब्दों को भी जस का तस स्वीकार कर तकनीकी विषयों की पुस्तकों को हिन्दी में प्रकाशित किया जा सकेगा। इससे तकनीकी शिक्षा जगत में क्रांति आ सकती है। उक्त विचार एमजे कालेज में हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठिी को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ अनिल चौबे ने व्यक्त किये।












