भिलाई। रामकथा चंद्रमा की किरणों के समान है। यह हमें शीतलता तो प्रदान करता ही है यह लोगों के दु:ख भी हर लेता है। यह हमारे लिए शास्त्र भी है और शस्त्र भी। अगर इसके भाव को इसकी गहराइयों को व्यक्ति समझ ले तो सारे दु:ख स्वत: कम लगने लगते है। उक्त उद्गार व्यासपीठ पर विराजित वाणी भूषण पंडित शंभू शरण लाटा महाराज ने नवदिवसीय संगीतमय प्रभु श्री रामकथा के प्रथम दिवस रामनाम महिमा के दौरान कही। इस पावन अवसर पर राम भक्त श्रद्धालु श्री राम भजन पर थिरकते नजर आये।












