भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट की रावघाट खदान क्षेत्र में बिछाई जा रही रेल लाइन की सुरक्षा में लगे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों व अफसरों ने पहली बार बीएसपी की खदानों का इतिहास विस्तार से जाना। उन्हें बताया गया कि लगभग 125 साल पहले 1887 में भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक परमार्थ नाथ बोस ने पहली बार अधिकारिक रूप से दल्ली राजहरा से लेकर रावघाट तक के लौह अयस्क भंडारों की खोज की थी। सभी लोग हाथियों में ड्रिल मशीनें लाद कर खुद घोड़ों पर सवार होकर आए थे।












