भिलाई। नगर पालिक क्षेत्र की स्वच्छता को अपनी आजीविका बनाने वाले लोगों को नेताओं का झाड़ू उठाना अच्छा नहीं लगता। दो फुट जमीन पर चार से छह नेता झाड़ू लेकर खड़े होते हैं तो उन्हें हंसी आ जाती है। वे कहती हैं कि इतनी सुविधा जुटाने के बाद भी लोग जहां तहां कचरा फेंक रहे हैं, अलग-अलग पेटियां देने के बाद भी लोग गीला और सूखा कचरा अलग अलग नहीं डाल रहे हैं। उन्हें लगता कि सख्ती किए बिना काम नहीं बनेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला स्वच्छता कर्मियों से बातचीत की। इनमें से अधिकांश महिलाएं 12-15 वर्षों से स्वच्छा का कार्य कर रही हैं।












