Mahatma Gandhi

When Gandhiji used a wheel chair to address the surrounding crowd

दुर्ग. हरिजनों के उद्धार के लिए महात्मा गांधी ने देशव्यापी अभियान की शुरुआत 22 नवम्बर 1933 में दुर्ग से की थी. दुर्ग के मोती बावली के पास उन्हें मंच दिया गया. मोती बावली के इलाके को आज मोती काम्पलेक्स, इंदिरा मार्केट के नाम से जाना जाता है. मंच पर पहली बार एक रिवाल्विंग चेयर को रखा गया. महात्मा गांधी इसी घूमती कुर्सी पर बैठ घूम-घूम कर लोगों से बातचीत करते रहे. लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर रखा था.

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