भिलाई। लोग किस तरह नौकरी खरीदने के झांसे में आ जाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं इसका एक ताजा उदाहरण सामने आया है. निमाई देबनाथ ने बेटी को नायब तहसीलदार बनाने और बेटे को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में नौकरी लगवाने के लिए 15 लाख रुपए की रिश्वत दी थी. फरवरी 2021 में रुपए देने के बाद से वे अपने बच्चों की नौकरी लगने का इंतजार कर रहे थे. पर न तो बच्चों की नौकरी लगी और न ही उन्हें उनके रुपए वापस मिले.












