भिलाई। यह कहानी कमर दर्द से परेशान एक ऐसे व्यक्ति की है जिसके लिए चलना फिरना तो दूर, बिस्तर से उठना तक मुश्किल हो गया था. वह करवट भी नहीं बदल पाता था. एक निजी अस्पताल में वह इलाज के लिए पहुंचा तो उसकी सर्जरी कर दी गई. पर इसके बाद समस्या कम होने की बजाय और बढ़ गई. धीरे-धीरे कमर टेढ़ी हो गई. थक हारकर वहां हाईटेक के न्यूसर्जरी विभाग पहुंचा. अब वह पूरी तरह ठीक है और चलने फिरने के साथ ही काम पर भी लौट गया है.












