शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार कितना भी काम करे, जब तक समाज आगे नहीं आएगा, इसका लाभ सब तक नहीं पहुंच सकता. महिला कमांडों बनाकर चर्चा में आई बालोद की पद्मश्री शमशाद बेगम इसी नारे के साथ आगे बढ़ रही हैं. उन्हें पता है कि स्कूलों के दरवाजे खुल जाने और मध्यान्ह भोजन मिलने के बावजूद गरीब बच्चों की शिक्षा अभी लक्ष्य से बहुत दूर है. उन्होंने समाज से लेकर इन बच्चों की जरूरतें पूरी करने का फैसला किया है. बालोद जिले में उन्होंने इसपर काम भी किया है और अब पड़ोसी जिलों में इस अभियान को आगे बढ़ाने जा रही हैं.












