हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है, जो पराशर झील के किनारे स्थित है. इस झील में एक तैरता हुआ टापू है. यह टापू झील के पानी में घूमता रहता है. इसकी स्थिति समय के साथ बदलती रहती है. पराशर ऋषि के इस मंदिर को 13वीं-14वीं शताब्दी में राजा बाणसेन द्वारा बनवाया गया था. मान्यता है कि ऋषि पराशर ने इसी स्थल पर समाधि ली थी. हाल ही में यहां सरनाहुली मेला लगा. 15 और 16 जून को लगे इस मेले में आसपास के 20 गांवों के देवताओं को भी लाया गया. इस दौरान लगभग 15 हजार श्रद्धालु भी यहां पहुंचे थे.












