धमतरी। चना हो या फूटा चना, दोनों ही गरीब आदमी के लिए पौष्टिक आहार का एक श्रोत है। फूटा चना का इस्तेमाल लोग मुर्रा के साथ तो करते ही हैं, उसे यूं ही फांकते भी रहते हैं। पर इसी चने को पीला करने के लिए इंडस्ट्रियल डाई का भी उपयोग किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली ने एक अभियान छेड़ दिया है। दरअसल, फूटे चने में इंडस्ट्रियल कलर औरामाईन ‘ओ’ का उपयोग किया जा रहा है।












