बीजापुर। रानीबोदली का नाम सुनते ही आज भी लोगों की रूह कांप उठती है। 15 मार्च 2007 को माओवादियों द्वारा रानीबोदली में किया गया खूनी हमला देश कभी नहीं भूल सकता, जिसमें 55 जवान शहीद हुए थे और 25 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। कभी नक्सल हिंसा और जनताना सरकार की दरबार के लिए कुख्यात यह क्षेत्र अब विकास की नई इबारत लिख रहा है। हाल ही में यहां प्रधानमंत्री आवास की चौपाल लगाई गई।












