रायपुर। प्रोजेक्ट धड़कन के तहत ईलाज से नन्हें अरमान को हृदय रोग से मुक्ति मिल गई। गांव में मितानिन ने एक दिन कहा था, “आपके बच्चे की धड़कन बाकी बच्चों से तेज है,” यह वाक्य आज भी रजनी यादव के कानों में गूंजता है। वे बोलते-बोलते रो पड़ती हैं, “हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया अब लगता है, क्यों नहीं दिया!” इलाज के बाद अरमान अब स्वस्थ है और अन्य बच्चों की तरह खेलकूद रहा है।












