जब सांस लेना भी हुआ मुश्किल तो ओड़ीशा से हाइटेक आ पहुंची मरीज
भिलाई। एक युवती को बढ़ी हुई थायराइड ग्रंथि ने मुसीबत में डाल दिया। उसके लिए सांस लेने तक मुश्किल हो गया था। स्थानीय चिकित्सकों ने पहले उसे एक नजी अस्पताल भेजा जिसने उसे आगे एम्स भुवनेश्वर रिफर कर दिया। पर वहां भी तत्काल एपाएंटमेंट नहीं मिल पाया। फिर किसी ने उसे सीधे हाइटेक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल रिफर कर दिया। उसके किसी परिचित का हाइटेक में इलाज हो चुका था।
युवती को जब हाइटेक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल लाया गया तो उसकी हालत बेहद नाजुक हो चली थी। ईएनटी सर्जन डॉ अपूर्व वर्मा ने बताया कि लेटते ही मरीज की सांस अटक जाती थी। कई दिनों से वह ठीक से सोई नहीं थी। एक तरफ भोजन मुश्किल था तो दूसरी तरफ सांस लेने की दिक्कत थी। जांच करने पर उसके गले में 10 गुना 10 सेमी आकार की बढ़ी हुई थायराइड ग्रंथि का पता चला। थायराइड पीछे गर्दन की तरफ बढ़ रही थी और श्वांस नली पर दबाव डाल रही थी। उसे जल्द से जल्द सर्जरी की आवश्यकता थी।
मरीज को स्टेबिलाइज करने के बाद डॉ अपूर्व वर्मा ने उसकी सर्जरी की। इसमें एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ नरेश देशमुख एवं ओटी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लगभग चार घंटे तक चले इस ऑपरेशन में सावधानी पूर्वक थायराइड को उसके उसके आसपास की संरचनाओं से अलग किया गया तथा टोटल थायराइडेक्टोमी (थायराइड को निकाल देना) करनी पड़ी। इसके बाद मरीज को गहन चिकित्सा निगरानी में आईसीयू भेज दिया गया। इंटिंसिविस्ट डॉ नीलिमा बम्बोडे की निगरानी में मरीज ने तेजी से स्वास्थ्य लाभ किया और दूसरे ही दिन उसे वार्ड में शिफ्ट करना संभव हो गया।
डॉ अपूर्व वर्मा ने बताया कि मरीज की हालत तेजी से सुधर रही है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
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