दुर्ग की संतोषी के मार्गदर्शन में भारत बना अंडर-17 एशियन रेसलिंग चैम्पियन
दुर्ग। शंकर नगर में रहने वाली कुश्ती की एनआईएस कोच संतोषी चंद्राकर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम चैंपियन बनी। वियतनाम में हुई अंडर-17 एशियन बालिका चैंपियनशिप में भारतीय टीम की सभी खिलाड़ियों ने पदक जीता। टीम में 10 वजन वर्ग में एक-एक खिलाड़ी रहे। सभी को कोई न कोई पदक मिला। भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण, 3 रजत और 5 कांस्य पदक जीते। इस तरह कोई भी खिलाड़ी बिना पदक के वापस नहीं लौट रहा है। यह स्पर्धा वियतनाम में 27 से 31 मई तक हुई। 3 जून को टीम दिल्ली पहुंचेगी। इसके बाद कोच संतोषी छत्तीसगढ़ आएंगी।

संतोषी ने बताया कि टीम में राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा की बालिकाएं थीं। टीम का चयन दिसंबर में हुआ। फिर अनुकूलन के लिए ट्रेनिंग का दौर शुरू हुआ। इसके छत्तीसगढ़ कुश्ती एसोसिएशन की ओर मेरा नाम भेजा गया। भारतीय कुश्ती संघ ने मेरी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी।
इसमें पिछले दिनों भिलाई में हुई अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में चयनित सभी बालिकाएं 4-5 साल से कुश्ती खेल रही हैं। वह खेल के तकनीक और नियमों से भलीभांति परिचित थीं, इसलिए मेरी भूमिका उन्हें विरोधी खिलाड़ियों के खिलाफ मानसिक रूप से तैयार करना और रणनीति बनाने की रही।
वर्ष 2014 लो वेट श्रेणी 53 वजन वर्ग में कुश्ती खेल रही हूं। इस दौरान राष्ट्रीय स्तर हुई स्पर्धाओं स्वर्ण और कांस्य पदक जीता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ के बच्चे खेलें और आगे बढ़ें। साथ ही राज्य सरकार भी पहलवानों पर ध्यान दे। उनके लिए रिक्तियां निकाले और नौकरी में प्राथमिकता दे। कुश्ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि पर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं।
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