महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बढ़ाई CEC ज्ञानेश की मुश्किलें

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बढ़ाई CEC ज्ञानेश की मुश्किलें

मुंबई। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में आंतरिक मदभेद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा मनमानी किए जाने पर कांग्रेस ने जहां पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग कर दी है तो वहीं दूसरी ओर कॉकारोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुंबई में जेल भरो आंदोलन करने जा रही है। इस सब के बीच महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के सुर-सुर में मिलाकर CEC ज्ञानेश कुमार की मुश्किल बढ़ा दी है।
NBT में प्रकाशित खबर के अनुसार महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोक्कलिंगम ने केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इसमें चोक्कलिंगम ने ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में चार अहम बदलाव करने की मांग करते हुए कहा है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को कानून के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करने में व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने ईआरओ को स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार बहाल करने और स्पष्ट लिखित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
महाराष्ट्र सीईओ चोक्कलिंगम ने कहा है कि वैध दस्तावेज रखने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्यक्तिगत सुनवाई से छूट का विकल्प ईसीआईनेट में उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा भटकने वाली जनजातियों, बेघर और वंचित वर्गों के पास निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अन्य आदिवासियों,पत्र में मतदाता सूची से जुड़ी विसंगतियों, आपत्तियों और सुधार के मामलों में ईआरओ को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की अनुमति देने की मांग की गई है। ये वही बातें हैं जो विवाद का कारण हैं। आरोप है कि चुनाव आयोग में इसका नियंत्रण सीमा खन्ना और मनीष गर्ग के पास है।
चोक्कलिंगम ने केंद्रीय चुनाव आयोग से मौखिक या वॉट्सऐप के माध्यम से निर्देश देने के बजाय आधिकारिक लिखित दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने एसआईआर नोटिस प्रक्रिया में बदलाव किया है. इसके तहत ‘अनमैप्ड’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ वाले मामलों में बीएलओ मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे। ऐसे मतदाताओं को सामान्य तौर पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। विवाद के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने ईसीआईनेट की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाने का भी निर्णय लिया है। स्थानीय दस्तावेजों को भी प्रमाण के तौर पर स्वीकार करने की सुविधा देने की मांग की गई है।
कौन हैं एस चोक्कलिंगम
एस. चोक्कलिंगम महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग में प्रधान सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। वह महाराष्ट्र कैडर के आईएएस के अधिकारी हैं, और मूल रूप से तमिलनाडु से संबंधित हैं। उन्होंने एलएलबी की डिग्री ली है। चोक्कलिंगम ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने पुणे के संभागीय आयुक्त और भूमि अभिलेख महानिदेशक जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के डिजाइन में भी अहम योगदान दिया है।

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