48 करोड़ में नीलाम हुई गोंड चित्रकार स्व. जनगढ़ श्याम की कृति
भोपाल। मध्य प्रदेश के मशहूर गोंड चित्रकार जनगढ़ श्याम की कला को उनकी मौत के 25 साल बाद सम्मान मिला है। 41 साल पहले जो पेटिंग भोपाल में 1500 रुपए में बिकी थी। मुंबई में वही पेटिंग 48 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ है। आइए आपको बताते हैं कि गोंड चित्रकार जनगढ़ श्याम कौन हैं।
NBT के समाचार के अनुसार मशहूर चित्रकार जनगढ़ श्याम मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के रहने वाले हैं। डिंडोरी के पाटनगढ़ में उनका घर है। 80 के दशक में वह गांव में ही पेटिंग बनाते थे। उसी दौरान भारत भवन के निदेशक जे स्वामीनाथन वहां पहुंचे थे। उन्होंने जनगढ़ श्याम की प्रतिभा को देखा और भोपाल लेकर आ गए।
गोंड चित्रकार जनगढ़ श्याम भोपाल आकर पेंटिंग बनाने लगे। 1985 में यहां पंडोल परिवार आया था। परिवार के लोगों ने उनकी पेंटिंग को देखा। इसके बाद उनकी पेंटिंग को खरीद ली। एक अखबार से बात करते हुए जनगढ़ श्याम के बेटे मयंक सिंह ने कहा कि पंडोल परिवार ने उस समय 1985 में यह पेंटिंग खरीदी थी।
जनगढ़ श्याम ने पाटनगढ़ में गोंड समाज की कहानियों और पौराणिक कथाओं को कैनवास पर उकेरने की शुरुआत की थी। उनके निधन के बाद उनके बेटे मयंक सिंह ने कला को जीवित रखा है। वह लगातार इसे बढ़ाने और पहचान दिलाने के लिए काम कर रहे हैं।
जनगढ़ श्याम का निधन 2001 में हो गया है। जब तक जीवित रहे, तब तक उनकी कलाकृतियों की चर्चा ज्यादा नहीं हुई। लेकिन निधन के 25 साल बाद उनकी कला को एक अलग पहचान मिली है।
मुंबई में उनकी यह पेटिंग 18 करोड़ रुपए में नीलाम हुई है। बेटे मयंक सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ कीमत का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पिता की कला को मिल रही पहचान का एक बड़ा पड़ाव है।
इस पेटिंग में कई चीजें खास हैं। पेंटिंग में नाग धरती मां का प्रतीक है, उस पर खड़ा पेड़ प्रकृति और जीवन के रिश्ते को दिखाता है। इसका मतलब है कि धरती ही जीवन का आधार है, उसी से जीवन पनपता है। वहीं, जनगढ़ की दूसरी पेटिंग भी वहां 4.55 करोड़ रुपए में बिकी है।
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