भिलाई। कालेज में बिताए गए दिन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खास होते हैं। एलुमनी मीट इन्हीं दिनों की यादें ताजा करती हैं। स्कूल की दहलीज पार करने के बाद यहां पहली बार उन्हें स्वयं के बालिग होने का अहसास होता है। एक तरफ जहां नए दोस्त, नया वातावरण उन्हें रोमांचित करता है वहीं दूसरी ओर निकट भविष्य में अपने पैरों पर खड़ा होने की जिम्मेदारी का अहसास भी प्रबल हो जाता है। ऐसे में व्याख्याता और प्राध्यापक केवल शिक्षक होने के बजाय मित्र और पथ प्रदर्शक बन जाते हैं।












