रेप पीड़ितों के कपड़ों का बनाया म्यूजियम, कपड़े नहीं हैं जिम्मेदार
बेल्जिम के ब्रूसेल्स में रेप पीड़ितों के कपड़ों का एक संग्रहालय बनाया गया है ताकि लोगों को यह बताया जा सके कि रेप के लिए कपड़े कतई जिम्मेदार नहीं हैं। इन कपड़ों को सहेजने का एक और कारण है कि इन्हें देखकर उस दर्द को याद रखा जा सके जिसे रेप पीड़िता जीवन पर्यंत नहीं भुला पाती। बलात्कार पीड़ितों के कपड़ों को सहेजने का यह काम किया है जसलीन पसीजा ने। इन कपड़ों को स्टूडेन्ट्स को दिखा कर इससे मिलते जुलते परिधान इकट्ठा किये गये जिनकी पहली प्रदर्शनी 2013 में अरकान्सास विश्वविद्यालय में प्रदर्शित किये गये। जसलीन बताती हैं कि रेप पीड़ित के वस्त्रों को सबूतों के तौर पर सहेजा जाता है तथा इनकी मेडिकल एवं फोरेंसिक जांच भी होती है। हमारा उद्देश्य केवल यह है कि जिन लोगों को यह लगता है कि रेप की वजह भड़काऊ परिधान हैं, वे एक बार इस प्रदर्शनी को देखें। इसमें टीशर्ट-जीन्स, छोटे बच्चों के गुलाबी फ्राक, पाजामा आदि वे सभी लिबास शामिल हैं जिन्हें भद्र घरों की बच्चियां पहना करती हैं।













