भिलाई। तम्बाकू का सेवन न केवल पाचन तंत्र को कमजोर करता है बल्कि यह मांसपेशियों, हड्डियों, नसों, स्नायुतंत्र व स्नायुबंधन को भी कमजोर करती हैं। तम्बाकू के सेवन से श्वसन तंत्र, मुंह एवं गले में कैंसर होने की संभावना भी कई गुणा बढ़ जाती है। यह कहना है कि अस्थि रोग, जोड़ प्रत्यारोपण एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ सुनील देवांगन का।
डॉ सुनील बताते हैं कि तंबाकू चबाने या धूम्रपान करने वालों को अस्थि खनिज घनत्व (बोन मिनरल डेंसिटी) में कमी का अनुभव होता है जो आॅस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर के जोखिम को बढ़ाता है। तंबाकू में सबसे शक्तिशाली पदार्थ निकोटीन, मानव शरीर के सभी ऊतकों में रक्त के प्रवाह में कमी का कारण बनता है, घाव भरने के लिए उचित रक्त प्रवाह महत्वपूर्ण है। धूम्रपान को खराब घाव भरने और देरी से फ्रैक्चर चिकित्सा से संबंधित बताया गया है।












