trichodarma

बेमेतरा। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा में अभी तक किसानों के उपयोग के लिए किसी तरह का जैविक उत्पाद का उत्पादन नहीं किया जा रह था। पर अब यहां एक प्रयोगशाला की स्थापना कर दी गई है तथा एक कीटशास्त्री को उसका प्रभार सौंप दिया गया है। वे यहां लाभकारी फफूंद ट्राइकोडर्मा एवं शूडोमोनस जीवाणु का उत्पादन करेंगी। इसका लाभ अंचल के किसानों को मिल पाएगा जिससे उनका उत्पादन बढ़ेगा।

बेमेतरा। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा में अभी तक किसानों के उपयोग के लिए किसी तरह का जैविक उत्पाद का उत्पादन नहीं किया जा रह था। पर अब यहां एक प्रयोगशाला की स्थापना कर दी गई है तथा एक कीटशास्त्री को उसका प्रभार सौंप दिया गया है। वे यहां लाभकारी फफूंद ट्राइकोडर्मा एवं शूडोमोनस जीवाणु का उत्पादन करेंगी। इसका लाभ अंचल के किसानों को मिल पाएगा जिससे उनका उत्पादन बढ़ेगा।

Full size460 × 303

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *