भिलाई। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में ग्रामीण छत्तीसगढ़ का दृश्य उभर आया। यह परिवर्तन परिसर से लेकर मंच तक तो नजर आया ही, नाश्ते से लेकर भोजन तक भी इसकी सुगंध बिखरी रही। काठमाण्डु एवं ढाका से आए विद्वानों के साथ ही नागपुर एवं खैरागढ़ से आए वक्ताओं ने भी इसे देखा, महसूस किया और इसकी सराहना की। स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण की दिशा में महाविद्यालय के प्रयासों को भी खूब सराहना मिली।












