भिलाई। वैसे तो झाइयां किसी भी उम्र में हो सकती हैं पर आम तौर पर यह गर्भावस्था के दौरान ही ज्यादा परेशान करती है। डाक्टरी भाषा में इसे मेलाज्मा कहते हैं। झाइयां अत्यधिक धूप के कारण भी हो सकती हैं। अधिकांश लोग इसका घरेलू उपचार करने की कोशिश करते हैं पर अंततः कोई नतीजा नहीं निकलता। इन घरेलू उपचारों से कभी-कभी तो रोग इतना उग्र हो जाता है कि सही इलाज से भी इसे ठीक करने में काफी वक्त लग जाता है। यह कहना है हाइटेक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ ऐश्वर्या पाटिल महाडिक का।












