भिलाई। आईसीयू में लंबे समय से भर्ती मरीजों को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती होती है। लगातार एक ही पहलू पर लेटे-लेटे न केवल उन्हें बेड-सोर हो जाने का खतरा होता है बल्कि पूरा शरीर शिथिल होता चला जाता है। सांस लेने की अत्यधिक धीमी गति के कारण उसके फेफड़ों और पूरे शरीर में रक्तसंचार की भी दिक्कतें आ सकती हैं। इन सभी स्थितियों का उचित प्रबंधन फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारी होती है।












