भिलाई। जन्म के बाद पहले घंटे में ही यदि नवजात को स्तनपान करा दिया जाए तो उसके निरोग होने एवं जीवित रहने की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है। सही समय पर स्तनपान कराए जाने पर प्रतिवर्ष दुनिया भर में होने वाली 8 लाख नवजातों की मृत्यु को टाला जा सकता है। उक्त बातें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की डॉ संगीता भट्टाचार्या ने संडेकैम्पस से बातचीत के दौरान दी। भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विशेषज्ञ डॉ संगीता ने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद फार्मूला फीड का चलन शुरू हुआ। जोरदार प्रचार प्रसार के कारण इसकी पहुंच घर-घर में हो गई। इसका विपरीत प्रभाव स्तनपान पर पड़ा जिसकी वजह से आज कई बीमारियां बच्चों को जकड़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं यूनीसेफ के अनुसार प्रत्येक पांच में से तीन बच्चों को जन्म के बाद के पहले घंटे में स्तनपान नहीं कराया जाता।












