भिलाई। “अगर इस जहां में मजदूर का न नामोनिशान होता फिर ना होता ताजमहल और ना शाहजहां होता।” 1 मई को अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस, श्रमिक दिवस या मजदूर दिवस के अवसर पर श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी में ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों के योगदान एवं ऐतिहासिक श्रम आंदोलन तथा भारत में श्रमिक दिवस के इतिहास की चर्चा की।












