भिलाई। बिजली की गैर पारम्परिक ऊर्जा के उपयोग से पहले यह जानना बेहद जरूरी होता है कि हमें कितनी बिजली, कब मिलेगी। इसका पता लगाने का एक आसान सा तरीका रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (आरसीईटी) की प्रोफेसर डॉ रीजो रॉय ने निकाला है। उन्होंने विंड और सोलर एनर्जी का 8600 घंटों का डेटा एनालाइज कर इसका हल खोज निकाला है।












