दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के गणित विभाग मं गणित परिषद का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भारती विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डॉ. एचके पाठक ने ‘संस्कृति और गणित‘ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिस क्षेत्र का गणित जितना उच्च होता है उस क्षेत्र की संस्कृति भी उतनी ही उत्कृष्ट होती है। प्राचीन भारत में ज्यामिति गणित अपने उच्च स्तर पर था जिसका प्रमाण देशभर में फैली उच्चकोटि की इमारतें हैं।












